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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2059

नंबर 2059किताब 12, नंबर 14
حَدَّثَنَا عَبْدُ السَّلاَمِ بْنُ مُطَهِّرٍ، أَنَّ سُلَيْمَانَ بْنَ الْمُغِيرَةِ، حَدَّثَهُمْ عَنْ أَبِي مُوسَى، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنٍ لِعَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ، عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ، قَالَ لاَ رِضَاعَ إِلاَّ مَا شَدَّ الْعَظْمَ وَأَنْبَتَ اللَّحْمَ ‏.‏ فَقَالَ أَبُو مُوسَى لاَ تَسْأَلُونَا وَهَذَا الْحَبْرُ فِيكُمْ ‏.‏
‘Abd Allaah bin Mas’ud said “Fosterage is not valid except by what strengthens love and grows flesh.” Abu Musa said “Do not ask us so long as this learned man is among us”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।