सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 2052

नंबर 2052किताब 12, नंबर 7
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، وَأَبُو مَعْمَرٍ قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ، عَنْ حَبِيبٍ، حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ شُعَيْبٍ، عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَنْكِحُ الزَّانِي الْمَجْلُودُ إِلاَّ مِثْلَهُ ‏"‏ ‏.‏ وَقَالَ أَبُو مَعْمَرٍ حَدَّثَنِي حَبِيبٌ الْمُعَلِّمُ عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The Prophet (ﷺ) said: The adulterer who has been flogged shall not marry save the one like him. AbuMa'mar said: Habib al-Mu'allim narrated (this tradition) to us on the authority of Amr ibn Shu'ayb
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।