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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2042

नंबर 2042किताब 11, नंबर 322
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ، قَرَأْتُ عَلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نَافِعٍ أَخْبَرَنِي ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ، عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تَجْعَلُوا بُيُوتَكُمْ قُبُورًا وَلاَ تَجْعَلُوا قَبْرِي عِيدًا وَصَلُّوا عَلَىَّ فَإِنَّ صَلاَتَكُمْ تَبْلُغُنِي حَيْثُ كُنْتُمْ ‏"‏ ‏.‏
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "अपने घरों को क़ब्रिस्तान न बनाओ और न मेरी क़ब्र को मेला स्थल बनाओ। हाँ, मुझपर दुरूद भेजते रहो, क्योंकि तुम जहाँ भी रहो, तुम्हारा दुरूद मुझे पहुँच जाएगा।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।