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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2036

नंबर 2036किताब 11, नंबर 316
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، أَنَّ زَيْدَ بْنَ الْحُبَابِ، حَدَّثَهُمْ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ كِنَانَةَ، مَوْلَى عُثْمَانَ بْنِ عَفَّانَ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي سُفْيَانَ، عَنْ عَدِيِّ بْنِ زَيْدٍ، قَالَ حَمَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كُلَّ نَاحِيَةٍ مِنَ الْمَدِينَةِ بَرِيدًا بَرِيدًا لاَ يُخْبَطُ شَجَرُهُ وَلاَ يُعْضَدُ إِلاَّ مَا يُسَاقُ بِهِ الْجَمَلُ ‏.‏
‘Adi bin Zaid said “The Apostle of Allaah(ﷺ) declared Madeenah a protected land a mail-post(three miles) from each side. Its trees are not to be beaten off or to be cut except what is taken from the Camel
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।