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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2019

नंबर 2019किताब 11, नंबर 299
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ مُهَاجِرٍ، عَنْ يُوسُفَ بْنِ مَاهَكَ، عَنْ أُمِّهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَلاَ نَبْنِي لَكَ بِمِنًى بَيْتًا أَوْ بِنَاءً يُظِلُّكَ مِنَ الشَّمْسِ فَقَالَ ‏ "‏ لاَ إِنَّمَا هُوَ مُنَاخُ مَنْ سَبَقَ إِلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Aisha, Ummul Mu'minin: I said: Messenger of Allah, should we not build a house or a building which shades you from the sun? He replied: No, it is a place for the one who reaches there earlier
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।