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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2012

नंबर 2012किताब 11, नंबर 292
حَدَّثَنَا مُوسَى أَبُو سَلَمَةَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ بَكْرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، وَأَيُّوبَ، عَنْ نَافِعٍ، أَنَّ ابْنَ عُمَرَ، كَانَ يَهْجَعُ هَجْعَةً بِالْبَطْحَاءِ ثُمَّ يَدْخُلُ مَكَّةَ وَيَزْعُمُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَفْعَلُ ذَلِكَ ‏.‏
Nafi’ said “Ibn ‘Umar used to nap for a short while at Batha’ (i.e, Al Muhassab) and then enter Makkah.” He thought that Apostle of Allaah(ﷺ) used to do so
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।