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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1984

नंबर 1984किताब 11, नंबर 264
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْحَسَنِ الْعَتَكِيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَكْرٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ بَلَغَنِي عَنْ صَفِيَّةَ بِنْتِ شَيْبَةَ بْنِ عُثْمَانَ، قَالَتْ أَخْبَرَتْنِي أُمُّ عُثْمَانَ بِنْتُ أَبِي سُفْيَانَ، أَنَّ ابْنَ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لَيْسَ عَلَى النِّسَاءِ حَلْقٌ إِنَّمَا عَلَى النِّسَاءِ التَّقْصِيرُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: The Prophet (ﷺ) said: Shaving is not a duty laid on women; only clipping the hair is incumbent on them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।