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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1976

नंबर 1976किताब 11, नंबर 256
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، وَمُحَمَّدِ، ابْنَىْ أَبِي بَكْرٍ عَنْ أَبِيهِمَا، عَنْ أَبِي الْبَدَّاحِ بْنِ عَدِيٍّ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم رَخَّصَ لِلرِّعَاءِ أَنْ يَرْمُوا يَوْمًا وَيَدَعُوا يَوْمًا ‏.‏
Narrated Abu al-Baddah b. 'Asim b. Adi: On the authority of his father: The Messenger of Allah (ﷺ) permitted the herdsmen of the camel to lapidate the the jamrahs one day and omit one day
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।