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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1970

नंबर 1970किताब 11, नंबर 250
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ، سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَرْمِي عَلَى رَاحِلَتِهِ يَوْمَ النَّحْرِ يَقُولُ ‏ "‏ لِتَأْخُذُوا مَنَاسِكَكُمْ فَإِنِّي لاَ أَدْرِي لَعَلِّي لاَ أَحُجُّ بَعْدَ حَجَّتِي هَذِهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir bin ‘Abdullah :I saw the Messenger of Allah (ﷺ) throwing pebbles on the day of sacrifice while on his riding beast and saying: Learn your rites, for I do not know whether I am likely to perform Hajj after this occasion
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (1297)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।