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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1903

नंबर 1903किताब 11, नंबर 183
حَدَّثَنَا تَمِيمُ بْنُ الْمُنْتَصِرِ، أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ يُوسُفَ، أَخْبَرَنَا شَرِيكٌ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ أَبِي خَالِدٍ، قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ أَبِي أَوْفَى، بِهَذَا الْحَدِيثِ زَادَ ثُمَّ أَتَى الصَّفَا وَالْمَرْوَةَ فَسَعَى بَيْنَهُمَا سَبْعًا ثُمَّ حَلَقَ رَأْسَهُ ‏.‏
Isma’il bin Abi Khalid said I heard ‘Abd Allaah bin Abi Aufa narrated this tradition. His version added “He then came to Al Safa’ and Al Marwah and ran between them seven times and then shaved his head
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।