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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1881

नंबर 1881किताब 11, नंबर 161
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ أَبِي زِيَادٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَدِمَ مَكَّةَ وَهُوَ يَشْتَكِي فَطَافَ عَلَى رَاحِلَتِهِ كُلَّمَا أَتَى عَلَى الرُّكْنِ اسْتَلَمَ الرُّكْنَ بِمِحْجَنٍ فَلَمَّا فَرَغَ مِنْ طَوَافِهِ أَنَاخَ فَصَلَّى رَكْعَتَيْنِ ‏.‏
Ibn ‘Abbas said When the Apostle of Allaah(ﷺ) came to Makkah he was ill. So, he performed the circumambulation on his Camel. He touched the corner (Black Stone) with a crooked stick as often as he came to it. When he finished the circumambulation, he made his Camel kneel down and offered two rak’ahs of prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।