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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1847

नंबर 1847किताब 11, नंबर 127
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ بَحْرٍ، حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَجْلاَنَ، عَنِ الْقَعْقَاعِ بْنِ حَكِيمٍ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ خَمْسٌ قَتْلُهُنَّ حَلاَلٌ فِي الْحَرَمِ الْحَيَّةُ وَالْعَقْرَبُ وَالْحِدَأَةُ وَالْفَأْرَةُ وَالْكَلْبُ الْعَقُورُ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah reported the Apostle of Allaah(ﷺ) as saying There are five(creatures) the killing of which is lawful in the sacred territory. The Snake, the Scorpion, the Kite, the Rat and the biting Dog
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।