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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1828

नंबर 1828किताब 11, नंबर 108
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّهُ وَجَدَ الْقُرَّ فَقَالَ أَلْقِ عَلَىَّ ثَوْبًا يَا نَافِعُ ‏.‏ فَأَلْقَيْتُ عَلَيْهِ بُرْنُسًا فَقَالَ تُلْقِي عَلَىَّ هَذَا وَقَدْ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ يَلْبَسَهُ الْمُحْرِمُ
Nafi' said Ibn ‘Umar felt cold and said Throw a garment over me, ‘Nafi. I threw a hooded cloak over him. Thereupon he said Are you throwing this over me when the Apostle of Allaah(ﷺ) has forbidden those who are in sacred state to wear it?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।