सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 1810

नंबर 1810किताब 11, नंबर 90
حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، وَمُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، - بِمَعْنَاهُ - قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ النُّعْمَانِ بْنِ سَالِمٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ أَوْسٍ، عَنْ أَبِي رَزِينٍ، - قَالَ حَفْصٌ فِي حَدِيثِهِ رَجُلٌ مِنْ بَنِي عَامِرٍ - أَنَّهُ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ أَبِي شَيْخٌ كَبِيرٌ لاَ يَسْتَطِيعُ الْحَجَّ وَلاَ الْعُمْرَةَ وَلاَ الظَّعْنَ ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ احْجُجْ عَنْ أَبِيكَ وَاعْتَمِرْ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuRazin: A man of Banu Amir said: Messenger of Allah, my father is very old, he cannot perform hajj and umrah himself nor can be ride on a mount. He said: Perform hajj and umrah on behalf of your father
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।