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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1795

नंबर 1795किताब 11, नंबर 75
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، قَالَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي إِسْحَاقَ، وَعَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ صُهَيْبٍ، وَحُمَيْدٌ الطَّوِيلُ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّهُمْ سَمِعُوهُ يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُلَبِّي بِالْحَجِّ وَالْعُمْرَةِ جَمِيعًا يَقُولُ ‏ "‏ لَبَّيْكَ عُمْرَةً وَحَجًّا لَبَّيْكَ عُمْرَةً وَحَجًّا ‏"‏ ‏.‏
Anas bin Malik said I heard the Apostle of Allaah(ﷺ) uttering talbiyah(labbaik) aloud for both Hajj and ‘Umrah. He was saying in a loud voice “Labbaik for ‘Umrah and Hajj, labbaik for ‘Umrah and Hajj”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (1251)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।