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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1780

नंबर 1780किताब 11, नंबर 60
حَدَّثَنَا ابْنُ السَّرْحِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي مَالِكٌ، عَنْ أَبِي الأَسْوَدِ، بِإِسْنَادِهِ مِثْلَهُ زَادَ فَأَمَّا مَنْ أَهَلَّ بِعُمْرَةٍ فَأَحَلَّ ‏.‏
The aforesaid tradition has also been narrated by Abu al-Aswad through a different chain of narrators. This version adds he who raises his voice in talbiyah for `Umrah (and wearing Ihram for it) should put off Ihram after performing `Umrah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (1562) Sahih Muslim (1211)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।