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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1762

नंबर 1762किताब 11, नंबर 42
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ نَاجِيَةَ الأَسْلَمِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بَعَثَ مَعَهُ بِهَدْىٍ فَقَالَ ‏ "‏ إِنْ عَطِبَ مِنْهَا شَىْءٌ فَانْحَرْهُ ثُمَّ اصْبَغْ نَعْلَهُ فِي دَمِهِ ثُمَّ خَلِّ بَيْنَهُ وَبَيْنَ النَّاسِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Najiyah al-Aslami: The Messenger of Allah (ﷺ) sent sacrificial camels with him (as offering to the Ka'bah). He then said: If any one of them becomes fatigued, slaughter it, dip its shoes in its blood, and leave it for the people (to eat)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।