सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 1723

नंबर 1723किताब 11, नंबर 3
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ الثَّقَفِيُّ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَحِلُّ لاِمْرَأَةٍ مُسْلِمَةٍ تُسَافِرُ مَسِيرَةَ لَيْلَةٍ إِلاَّ وَمَعَهَا رَجُلٌ ذُو حُرْمَةٍ مِنْهَا ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported :The Messenger of Allah (SWAS) as saying : A muslim woman must not make a journey of a night unless she is accompanied by a man who is within the prohibited degrees
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (1339)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।