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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1706

नंबर 1706किताब 10, नंबर 6
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، وَهَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، - الْمَعْنَى - قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، عَنِ الضَّحَّاكِ، - يَعْنِي ابْنَ عُثْمَانَ - عَنْ سَالِمِ أَبِي النَّضْرِ، عَنْ بُسْرِ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم سُئِلَ عَنِ اللُّقَطَةِ فَقَالَ ‏ "‏ عَرِّفْهَا سَنَةً فَإِنْ جَاءَ بَاغِيهَا فَأَدِّهَا إِلَيْهِ وَإِلاَّ فَاعْرِفْ عِفَاصَهَا وَوِكَاءَهَا ثُمَّ كُلْهَا فَإِنْ جَاءَ بَاغِيهَا فَأَدِّهَا إِلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Zayd ibn Khalid al-Juhani: The Messenger of Allah (ﷺ) was asked about a find. He said: Make it known for a year. If its seeker comes, deliver it to him, otherwise note its container and its string. Then use it; if its seeker comes, deliver it to him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (1722)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Lost and Found Items

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।