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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1702

नंबर 1702किताब 10, नंबर 2
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ شُعْبَةَ، بِمَعْنَاهُ قَالَ ‏ "‏ عَرِّفْهَا حَوْلاً ‏"‏ ‏.‏ وَقَالَ ثَلاَثَ مِرَارٍ قَالَ فَلاَ أَدْرِي قَالَ لَهُ ذَلِكَ فِي سَنَةٍ أَوْ فِي ثَلاَثِ سِنِينَ ‏.‏
The aforesaid tradition has also been transmitted by Shu’bah through a different chain of narrators to the same effect. The version goes :He said : Make it known for a year. He said this three times. He said: I do not know whether he said “for a year” or “for three years”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (2426) Sahih Muslim (1723)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Lost and Found Items

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।