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सुनन अबू दाऊद

नंबर 85

नंबर 85किताब 1, नंबर 85
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، عَنْ دَاوُدَ، عَنْ عَامِرٍ، عَنْ عَلْقَمَةَ، قَالَ قُلْتُ لِعَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ مَنْ كَانَ مِنْكُمْ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَيْلَةَ الْجِنِّ فَقَالَ مَا كَانَ مَعَهُ مِنَّا أَحَدٌ ‏.‏
Narrated 'Alqamah:I asked 'Abd Allaah b Mas'ud: Which of you was in the company of the Messenger of Allaah ( sal Allaahu alayhi wa sallam ) on the night when the jinn attended him? He replied : None of us was with him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (450)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।