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सुनन अबू दाऊद

नंबर 52

नंबर 52किताब 1, नंबर 52
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الأَنْصَارِيُّ، حَدَّثَنَا عَنْبَسَةُ بْنُ سَعِيدٍ الْكُوفِيُّ الْحَاسِبُ، حَدَّثَنِي كَثِيرٌ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا قَالَتْ كَانَ نَبِيُّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَسْتَاكُ فَيُعْطِينِي السِّوَاكَ لأَغْسِلَهُ فَأَبْدَأُ بِهِ فَأَسْتَاكُ ثُمَّ أَغْسِلُهُ وَأَدْفَعُهُ إِلَيْهِ ‏.‏
Aishah narrated:"The Prophet of Allah (ﷺ) would clean his teeth with the Siwak, then he would give me the Siwak in order to wash it. So I would first use it myself, then wash it and return it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।