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सुनन अबू दाऊद

नंबर 365

नंबर 365किताब 1, नंबर 365
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، أَخْبَرَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي حَبِيبٍ، عَنْ عِيسَى بْنِ طَلْحَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ خَوْلَةَ بِنْتَ يَسَارٍ، أَتَتِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّهُ لَيْسَ لِي إِلاَّ ثَوْبٌ وَاحِدٌ وَأَنَا أَحِيضُ فِيهِ فَكَيْفَ أَصْنَعُ قَالَ ‏"‏ إِذَا طَهُرْتِ فَاغْسِلِيهِ ثُمَّ صَلِّي فِيهِ ‏"‏ ‏.‏ فَقَالَتْ فَإِنْ لَمْ يَخْرُجِ الدَّمُ قَالَ ‏"‏ يَكْفِيكِ غَسْلُ الدَّمِ وَلاَ يَضُرُّكِ أَثَرُهُ ‏"‏ ‏.‏
अबू हुरैरा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि ख़ौला बिंत यसार -रज़ियल्लाहु अन्हा- नबी -सल्लल्ललाहु अलैहि वसल्लम- के पास आईं और बोलीं : ऐ अल्लाह के रसूल, मेरे पास एक ही कपड़ा है और मुझे उसीमें माहवारी आ जाती है। मैं क्या करुँ? आपने फ़रमाया : “जब तुम पवित्र हो जाओ, तो उसे धो लो। फिर उसमें नमाज़ पढ़ो।” इसपर उन्होंने कहा : यदि ख़ून पूरी तरह न साफ़ हो तब? आपने फ़रमाया : “ख़ून को धो लेना ही तुझे काफ़ी है और उसका निशान तेरे लिए हानिकारक नहीं।”

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।