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सुनन अबू दाऊद

नंबर 362

नंबर 362किताब 1, नंबर 362
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، ح وَحَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، ح وَحَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، - يَعْنِي ابْنَ سَلَمَةَ - عَنْ هِشَامٍ، بِهَذَا الْمَعْنَى قَالَ ‏ "‏ حُتِّيهِ ثُمَّ اقْرُصِيهِ بِالْمَاءِ ثُمَّ انْضَحِيهِ ‏"‏ ‏.‏
This tradition has been transmitted by Hisham through a different chain of narrators to the same effect:Rub it off (with a stone), and then scratch it (with finger) by pouring water, then sprinkle water upon it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।