सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 358

नंबर 358किताब 1, नंबर 358
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ الْعَبْدِيُّ، أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ نَافِعٍ، قَالَ سَمِعْتُ الْحَسَنَ، - يَعْنِي ابْنَ مُسْلِمٍ - يَذْكُرُ عَنْ مُجَاهِدٍ، قَالَ قَالَتْ عَائِشَةُ مَا كَانَ لإِحْدَانَا إِلاَّ ثَوْبٌ وَاحِدٌ تَحِيضُ فِيهِ فَإِنْ أَصَابَهُ شَىْءٌ مِنْ دَمٍ بَلَّتْهُ بِرِيقِهَا ثُمَّ قَصَعَتْهُ بِرِيقِهَا ‏.‏
Aishah said:Each of us (wives of the Prophet) had only one clothe in which she would menstruate. Whenever it was smeared with blood, she would moisten it with her saliva and scratch it with saliva
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।