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सुनन अबू दाऊद

नंबर 355

नंबर 355किताब 1, नंबर 355
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ الْعَبْدِيُّ، أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا الأَغَرُّ، عَنْ خَلِيفَةَ بْنِ حُصَيْنٍ، عَنْ جَدِّهِ، قَيْسِ بْنِ عَاصِمٍ قَالَ أَتَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أُرِيدُ الإِسْلاَمَ فَأَمَرَنِي أَنْ أَغْتَسِلَ بِمَاءٍ وَسِدْرٍ ‏.‏
Narrated Qays ibn Asim: I came to the Prophet (ﷺ) with the intention of embracing Islam. He commanded me to take a bath with water (boiled with) the leaves of the lote-tree
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।