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सुनन अबू दाऊद

नंबर 352

नंबर 352किताब 1, नंबर 352
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ عَمْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كَانَ النَّاسُ مُهَّانَ أَنْفُسِهِمْ فَيَرُوحُونَ إِلَى الْجُمُعَةِ بِهَيْئَتِهِمْ فَقِيلَ لَهُمْ لَوِ اغْتَسَلْتُمْ ‏.‏
Aishah said:The people (mostly) were workers and they would come for Friday prayer in the same condition, so it was said to them: If only you were to perform Ghusl
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (903) Sahih Muslim (847)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।