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सुनन अबू दाऊद

नंबर 339

नंबर 339किताब 1, नंबर 339
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ، حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ، عَنْ بَكْرِ بْنِ سَوَادَةَ، عَنْ أَبِي عَبْدِ اللَّهِ، مَوْلَى إِسْمَاعِيلَ بْنِ عُبَيْدٍ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ، أَنَّ رَجُلَيْنِ، مِنْ أَصْحَابِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَاهُ ‏.‏
Ata b. Yasar said:Two persons from the Companions of the Messenger of Allah (ﷺ); he then narrated the rest of the tradition to the same effect
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।