सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 291

नंबर 291किताब 1, नंबर 291
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ الْمُسَيَّبِيُّ، حَدَّثَنِي أَبِي، عَنِ ابْنِ أَبِي ذِئْبٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ، وَعَمْرَةَ بِنْتِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ أُمَّ حَبِيبَةَ، اسْتُحِيضَتْ سَبْعَ سِنِينَ فَأَمَرَهَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ تَغْتَسِلَ فَكَانَتْ تَغْتَسِلُ لِكُلِّ صَلاَةٍ ‏.‏
Aishah said:Umm Habibah had a prolonged flow of blood for seven years. The Messenger of Allah (ﷺ) commanded her to take bath; so she used to take bath for every prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih Bukhari (327) Sahih Muslim (334)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।