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सुनन अबू दाऊद

नंबर 256

नंबर 256किताब 1, नंबर 256
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرِ بْنِ زِيَادٍ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ قَيْسِ بْنِ وَهْبٍ، عَنْ رَجُلٍ، مِنْ بَنِي سُوَاءَةَ بْنِ عَامِرٍ عَنْ عَائِشَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ كَانَ يَغْسِلُ رَأْسَهُ بِالْخِطْمِيِّ وَهُوَ جُنُبٌ يَجْتَزِئُ بِذَلِكَ وَلاَ يَصُبُّ عَلَيْهِ الْمَاءَ ‏.‏
Aishah said:The Messenger of Allah (May peace be upon him) used to wash his head with marsh-mallow while he was sexually defiled. It was sufficient for him and he did not pour water upon it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।