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सुनन अबू दाऊद

नंबर 220

नंबर 220किताब 1, नंबर 220
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَوْنٍ، حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ، عَنْ عَاصِمٍ الأَحْوَلِ، عَنْ أَبِي الْمُتَوَكِّلِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا أَتَى أَحَدُكُمْ أَهْلَهُ ثُمَّ بَدَا لَهُ أَنْ يُعَاوِدَ فَلْيَتَوَضَّأْ بَيْنَهُمَا وُضُوءًا ‏"‏ ‏.‏
Abu sa’id al-Khudri reported :The Prophet (May peace be upon him) said : When any of you has intercourse with his wife and desire to repeat it, he should perform ablution between them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (308)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।