सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 163

नंबर 163किताब 1, नंबर 163
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنِ الأَعْمَشِ، بِإِسْنَادِهِ بِهَذَا الْحَدِيثِ قَالَ مَا كُنْتُ أُرَى بَاطِنَ الْقَدَمَيْنِ إِلاَّ أَحَقَّ بِالْغَسْلِ حَتَّى رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَمْسَحُ عَلَى ظَهْرِ خُفَّيْهِ ‏.‏
This tradition has been transmitted through a different chain of narrators. This version adds:“I always preferred to wash the under part of the feet until I saw the Messenger of Allah (ﷺ) wiping the upper part of them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।