सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 127

नंबर 127किताब 1, नंबर 127
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ عَقِيلٍ، بِهَذَا الْحَدِيثِ يُغَيِّرُ بَعْضَ مَعَانِي بِشْرٍ قَالَ فِيهِ وَتَمَضْمَضَ وَاسْتَنْثَرَ ثَلاَثًا ‏.‏
Ibn ‘Uqail reported this tradition with a slight change of wording. In his tradition he said:He rinsed his mouth three times and snuffed up water three times
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • ShadhAl-Albani
  • ShadhMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।