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सुनन अबू दाऊद

नंबर 123

नंबर 123किताब 1, नंबर 123
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ، وَهِشَامُ بْنُ خَالِدٍ، - الْمَعْنَى - قَالاَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، بِهَذَا الإِسْنَادِ قَالَ وَمَسَحَ بِأُذُنَيْهِ ظَاهِرِهِمَا وَبَاطِنِهِمَا ‏.‏ زَادَ هِشَامٌ وَأَدْخَلَ أَصَابِعَهُ فِي صِمَاخِ أُذُنَيْهِ ‏.‏
Another version says:He wiped his ears inside and outside. Hisham adds: He inserted his fingers in the ear-holes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · Purification (Kitab Al-Taharah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।