Aal-i-Imraan
यह अरबी के अलावा किसी और भाषा में एक तफ़सीर है, जैसी Quranic Universal Library (QUL, Tarteel की) में है, QUL के डेटा की उस खुली प्रति से ली गई जो spa5k/tafsir_api रखता है। QUL के रिकॉर्ड में यह नहीं बताया गया कि इसे किसने लिखा या अनुवाद किया या यह किस छपे संस्करण का अनुसरण करती है, और पाठ के लिए कोई लाइसेंस नहीं बताया गया, इसलिए इसे दिखाने का अधिकार सत्यापित नहीं है। किसी ने इसे छपी किताब से नहीं मिलाया है और किसी आलिम ने इसकी समीक्षा नहीं की है। हर अंश उन आयतों के पास है जिन पर वह टिप्पणी करता है; वे आयतें Tanzil का क़ुरआनी पाठ हैं, जैसा वहाँ है। सबील ने इसमें से कुछ भी न लिखा है, न अनुवाद किया है।
पाठ का स्रोत:Quranic Universal Libraryspa5k/tafsir_apiMIT2026-10-21 को लिया गया
وَلِلَّهِ مُلْكُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۗ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ قَدِيرٌ 189
اور اللہ ہی کے لیے بادشاہی آسمانوں اور زمین کی اور اللہ اوپر ہر چیز کے خوب قادر ہے(189)
[189] یعنی اللہ تبارک و تعالیٰ تمام آسمانوں اور زمین اور ان میں موجود تمام مخلوق کا مالک ہے اور وہی اپنی قدرت کاملہ اور انوکھی ربوبیت کے ذریعے سے ان پر تصرف کرتا ہے۔ کوئی اس کے دائرہ اختیار سے باہر نہیں اور کوئی اسے عاجز و لاچار نہیں کر سکتا۔