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Tafsīr aṭ-Ṭabarī · Az-Zukhruf
सूरह 43

Az-Zukhruf

جامع البيان في تأويل آي القرآن

यह एक शास्त्रीय तफ़सीर का अरबी पाठ है, जैसा Quranic Universal Library (QUL, Tarteel की) में है, QUL के डेटा की उस खुली प्रति से लिया गया जो spa5k/tafsir_api रखता है। QUL यह नहीं बताती कि वह किस छपे संस्करण का अनुसरण करती है और पाठों के लिए कोई लाइसेंस नहीं बताती, इसलिए उन्हें दिखाने का अधिकार सत्यापित नहीं है। किसी ने इसे छपी किताब या पांडुलिपि से नहीं मिलाया है और किसी आलिम ने इसकी समीक्षा नहीं की है। हर अंश उन आयतों के पास है जिन पर वह टिप्पणी करता है; वे आयतें Tanzil का क़ुरआनी पाठ हैं, जैसा वहाँ है। जहाँ पाठ में संपादक की कोई टिप्पणी दोहरे कोष्ठक में है, वहाँ वह जैसी है वैसी दिखाई गई है। अभी कोई अनुवाद नहीं है।

पाठ का स्रोत:Quranic Universal Libraryspa5k/tafsir_apiMIT2026-10-21 को लिया गया

आयत 48

وَمَا نُرِيهِم مِّنْ ءَايَةٍ إِلَّا هِىَ أَكْبَرُ مِنْ أُخْتِهَا ۖ وَأَخَذْنَـٰهُم بِٱلْعَذَابِ لَعَلَّهُمْ يَرْجِعُونَ 48

القول في تأويل قوله تعالى: ﴿وَمَا نُرِيهِمْ مِنْ آيَةٍ إِلا هِيَ أَكْبَرُ مِنْ أُخْتِهَا وَأَخَذْنَاهُمْ بِالْعَذَابِ لَعَلَّهُمْ يَرْجِعُونَ (٤٨) ﴾

يقول تعالى ذكره: وما نرى فرعون وملأه آية، يعني: حجته لنا عليه بحقيقة ما يدعوه إليه رسولنا موسى ﴿إِلا هِيَ أَكْبَرُ مِنْ أُخْتِهَا﴾ يقول: إلا التي نريه من ذلك أعظم في الحجة عليهم وأوكد من التي مضت قبلها من الآيات، وأدل على صحة ما يأمره به موسى من توحيد الله.

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وقوله: ﴿وَأَخَذْنَاهُمْ بِالْعَذَابِ﴾

يقول: وأنزلنا بهم العذاب، وذلك كأخذه تعالى ذكره إياهم بالسنين، ونقص من الثمرات، وبالجراد، والقمل، والضفادع، والدم.

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وقوله: ﴿لَعَلَّهُمْ يَرْجِعُونَ﴾

يقول: ليرجعوا عن كفرهم بالله إلى توحيده وطاعته، والتوبة مما هم عليه مقيمون من معاصيهم.

كما:-

⁕ حدثنا بشر، قال: ثنا يزيد، قال: ثنا سعيد، عن قتادة، قوله: ﴿وَأَخَذْنَاهُمْ بِالْعَذَابِ لَعَلَّهُمْ يَرْجِعُونَ﴾ أي يتوبون، أو يذكرون.