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Tafsir As-Saadi - Russian · Az-Zumar
सूरह 39

Az-Zumar

यह तफ़सीर अस-सअदी का एक अनुवाद है, जैसा IslamHouse.com उसे saadi.islamenc.com पर प्रकाशित करता है, उस साइट के पन्नों से लिया गया। साइट यह नहीं बताती कि इसका अनुवाद किसने किया या यह किस छपे संस्करण का अनुसरण करता है, और इसका पाठ लेने की कोई शर्तें नहीं बताती, इसलिए इसे दिखाने का अधिकार सत्यापित नहीं है। किसी ने इसे छपी किताब से नहीं मिलाया है और किसी आलिम ने इसकी समीक्षा नहीं की है। हर अंश उन आयतों के पास है जिन पर वह टिप्पणी करता है; वे आयतें Tanzil का क़ुरआनी पाठ हैं, जैसा वहाँ है; जिस आयत की साइट अपनी अलग टिप्पणी नहीं देती वह अपने से पहले के अंश के साथ रहती है, और सूची ऐसी हर आयत का नाम देती है। सबील ने इसमें से कुछ भी न लिखा है, न अनुवाद किया है।

पाठ का स्रोत:saadi.islamenc.comIslamHouse.comnone stated (the site names no licence and no terms for taking its text)2026-10-22 को लिया गया

आयत 12

وَأُمِرْتُ لِأَنْ أَكُونَ أَوَّلَ ٱلْمُسْلِمِينَ 12

(12) Я являюсь проповедником ислама и наставником всего человечества, и это обя- зывает меня первым повиноваться приказам Аллаха. Именно так говорил и поступал Пророк Мухаммад,ﷺ , и так должен поступать каждый, кто считает себя одним из его последователей. Мусульманин обязан выполнять предписа- ния своей религии душой и телом и совершать добрые дела исключительно ра- ди своего Господа.