An-Naba
यह तफ़सीर अस-सअदी का एक अनुवाद है, जैसा IslamHouse.com उसे saadi.islamenc.com पर प्रकाशित करता है, उस साइट के पन्नों से लिया गया। साइट यह नहीं बताती कि इसका अनुवाद किसने किया या यह किस छपे संस्करण का अनुसरण करता है, और इसका पाठ लेने की कोई शर्तें नहीं बताती, इसलिए इसे दिखाने का अधिकार सत्यापित नहीं है। किसी ने इसे छपी किताब से नहीं मिलाया है और किसी आलिम ने इसकी समीक्षा नहीं की है। हर अंश उन आयतों के पास है जिन पर वह टिप्पणी करता है; वे आयतें Tanzil का क़ुरआनी पाठ हैं, जैसा वहाँ है; जिस आयत की साइट अपनी अलग टिप्पणी नहीं देती वह अपने से पहले के अंश के साथ रहती है, और सूची ऐसी हर आयत का नाम देती है। सबील ने इसमें से कुछ भी न लिखा है, न अनुवाद किया है।
पाठ का स्रोत:saadi.islamenc.comIslamHouse.comnone stated (the site names no licence and no terms for taking its text)2026-10-22 को लिया गया
अंश
- आयतें 1–5عَمَّ يَتَسَآءَلُونَ
- आयतें 6–16أَلَمْ نَجْعَلِ ٱلْأَرْضَ مِهَـٰدًا
- आयतें 17–25إِنَّ يَوْمَ ٱلْفَصْلِ كَانَ مِيقَـٰتًا
- आयतें 26–30جَزَآءً وِفَاقًا
- आयतें 31–36إِنَّ لِلْمُتَّقِينَ مَفَازًا
- आयतें 37–39رَّبِّ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا ٱلرَّحْمَـٰنِ ۖ لَا يَمْلِكُونَ مِنْهُ خِطَابًا
- आयत 40إِنَّآ أَنذَرْنَـٰكُمْ عَذَابًا قَرِيبًا يَوْمَ يَنظُرُ ٱلْمَرْءُ مَا قَدَّمَتْ يَدَاهُ وَيَقُولُ ٱلْكَافِرُ يَـٰلَيْتَنِى كُنتُ تُرَٰبًۢا